

बहराइच, 19 मार्च।प्रदेश सरकार द्वारा संचालित बकरी पालन योजना गरीबों, किसानों, महिलाओं एवं बेरोजगार युवाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। पशुधन विभाग की इस योजना के माध्यम से कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त हो रहा है, जिससे लोगों की आय में वृद्धि हो रही है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी का उत्तर प्रदेश का निवासी होना तथा आयु 18 वर्ष से अधिक होना आवश्यक है। साथ ही बकरी पालन का प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केन्द्र या पशुपालन विभाग से प्राप्त होना चाहिए। योजना के तहत बकरी पालन के लिए बाड़ा/शेड और चारागाह हेतु स्वयं की या पट्टे की भूमि होना अनिवार्य है। इसमें बेरोजगार युवा, महिलाएं, गरीब तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को प्राथमिकता दी जाती है।
योजना के अंतर्गत प्रति इकाई (एक नर व पांच मादा बकरियां) की लागत 45,000 रुपये निर्धारित है, जिसमें 90 प्रतिशत यानी 40,500 रुपये का अनुदान सरकार द्वारा दिया जाता है, जबकि 10 प्रतिशत राशि लाभार्थी को वहन करनी होती है। वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार सभी पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा रहा है।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए विशेष योजना के तहत 60,000 रुपये प्रति इकाई की लागत निर्धारित है, जिसमें 90 प्रतिशत अनुदान सरकार देती है। इसके अलावा प्रदेश में पहली बार बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे पशुधन की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो रही है।
प्रदेश के 70 जनपदों में लगभग 980 केंद्रों के माध्यम से यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
Author: HIND LEKHNI NEWS
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