हाईटेंशन लाइन बनी मौत का जाल: पत्रकार रंजीत तिवारी की दर्दनाक मौत, 10 साल की शिकायतें हुईं नजरअंदाज

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गोंडा।जनपद गोंडा से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें हिंदुस्तान अख़बार के वरिष्ठ पत्रकार रंजीत तिवारी (35) का आकस्मिक निधन हो गया। यह हादसा न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे पत्रकार समाज और क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बन गया है।

घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के पोर्टरगंज पथवलिया गांव की है, जहां रंजीत तिवारी के घर के ऊपर से वर्षों से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन अचानक मौत का कारण बन गई। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह बिजली का तार छत के बेहद करीब आ गया था। रंजीत तिवारी इस खतरे को भांपते हुए आसपास के लोगों को सतर्क कर रहे थे कि तार कभी भी टूट सकता है। इसी दौरान अचानक हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मृत्यु हो गई।

बताया जा रहा है कि रंजीत तिवारी पिछले लगभग 10 वर्षों से इस खतरनाक बिजली लाइन को हटाने के लिए विद्युत विभाग से लगातार शिकायत और पैरवी कर रहे थे। बावजूद इसके, विभाग की ओर से न तो लाइन को हटाया गया और न ही उसकी स्थिति में सुधार किया गया। अंततः जिस खतरे की ओर वे बार-बार इशारा कर रहे थे, वही उनकी जान का कारण बन गया।

हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक अपने पीछे तीन छोटे बच्चों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

इस मामले में मृतक के भाई अमरजीत तिवारी ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर अवर अभियंता, उपखंड अधिकारी, अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यह घटना विद्युत विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है और यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक शिकायतों को नजरअंदाज किया जाता रहेगा। यदि समय रहते उचित कार्रवाई की जाती, तो शायद आज एक परिवार उजड़ने से बच सकता था।

HIND LEKHNI NEWS
Author: HIND LEKHNI NEWS

लोगों की निंदा से घबराकर, अपना रास्ता मत बदलना, क्योंकि सफलता शर्म से नहीं, साहस से मिलती है। हिन्द लेखनी न्यूज

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