हत्या लापरवाही और खामोशी: कटरा बाजार की अनसुलझी वारदात

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जांच जारी है” के सहारे कटरा बाजार पुलिस

गोंडा। जिले के थाना कटरा बाजार क्षेत्र के सेल्हरी कुशहा गांव में 9 महीने पूर्व बोरे में युवती का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। बोरे में युवती का शव फेंककर आरोपी मौके से फरार हो गए थे। युवती की शिनाख्त न होने से 72 घंटे बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हो सकी, जबकि शव पर मिले कपड़े घटना की ओर इशारा कर रहे थे। मगर, कटराबाजार पुलिस महिला अपराध की इस गंभीर घटना में अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।

6 अक्तूबर 2024, रविवार की सुबह ग्रामीणों को सड़क किनारे गन्ने के खेत में खून से सनी एक बोरी पड़ी दिखी थी। ग्रामीणों की सूचना पर कटरा बाजार पुलिस, करनैलगंज सीओ उमेश्वर प्रभात सिंह, एसपी विनीत जायसवाल, एएसपी राधेश्याम राय समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। बोरी को खोला गया तो उसमें काली जींस और लाल दुपट्टे में लिपटी युवती का शव बरामद हुआ। उस समय पुलिस ने कॉन्फ्रेंस में बताया कि गत रात 20 वर्षीय अज्ञात युवती की गला रेतकर हत्या की गई और शव को छुपाने के लिए बोरे में भरकर सेल्हरी कुशहा गांव के पास फेंकी गई। मौके पर डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने दावा किया था कि उसी दिन युवती की शिनाख्त व घटना के खुलासे के लिए 5 टीमें गठित की गई थीं। लेकिन महिला अपराध की इस गंभीर घटना में युवती का शव मिलने के बाद लापरवाह पुलिस बिना एफआईआर दर्ज किए ही 22 दिन तक जांच के दावे करती रही। युवती की लाश मिलने के 23 दिन बाद पुलिस ने 28 अक्तूबर 2024 को चौकीदार यशवंत की तहरीर पर मामले में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था। जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में एसपी ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार गुप्ता को 4 नवंबर 2024 को लाइन हाजिर कर दिया। तब घटना के खुलासे के लिए थाने की कमान जिले के तेजतर्रार इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह को सौंपी गई।

खुलासे के लिए जिले के तेज तर्रार इंस्पेक्टर राजेश सिंह
खुलासे के लिए जिले के तेज तर्रार इंस्पेक्टर राजेश सिंह

6 नवंबर 2024 को राजेश सिंह ने थाने की चार्ज लिए थे। उसके बाद एसपी विनीत जायसवाल ने खुलासे के लिए 4 इंस्पेक्टर व 10 उपनिरीक्षक समेत 40 पुलिसकर्मियों की खुलासे के लिए दो टीमें बनाई। जिसमें एसओजी के अलावा स्थानीय थाने के पुलिसकर्मियों को लगाया गया। इसमें कटराबाजार प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह, इंस्पेक्टर अरविंद सिंह व रमाशंकर राय तथा सहयोग के लिए लाइन हाजिर इंस्पेक्टर संजय गुप्ता शामिल हुए। पुलिस का दावा रहा कि युवती की शिनाख्त के लिए रेलवे क्रॉसिंग समेत जगह-जगह पोस्टर लगाए गए, अनाउंसमेंट कराया गया। कई जिलों में पुलिस टीम जाकर लापता युवतियों का ब्योरा जुटाई। कई संदिग्धों से लंबी पूछताछ की। युवती की पहचान बताने वाले व्यक्ति को पुलिस 50,000 नगद देने का भी एलान किया। मगर, अब तक घटना संबंधित कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।

इंस्पेक्टर राजेश सिंह को कटराबाजार थाने की जिम्मेदारी संभाले करीब साढ़े आठ महीने बीत चुके हैं। फिर भी मामले में न कोई ठोस सबूत मिले न खुलासा हो सका है। माना जा रहा है कि पुलिस इस मामले में जांच कर आरोपियों की धरपकड़ के बजाय जांच के नाम पर खानापूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस किसी नतीजे में नहीं पहुंच पाई। लोगों का कहना है कि कटरा बाजार पुलिस की निष्क्रियता के चलते 6 अक्तूबर 2024 से अब तक हत्या की गुत्थी नहीं सुलझ पाई है। यही नहीं अब तक महिला अपराध की इस गंभीर घटना में बेपरवाह कटरा बाजार पुलिस कातिलों तक पहुंचना तो दूर युवती की शिनाख्त तक नहीं करा पाई है।

पीएम रिपोर्ट पर भी उठ रहे थे सवाल:-

युवती की पहचान न होने से शव 3 दिन तक मर्च्यूरी में रखा गया था। 72 घंटे बाद हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की घटना भी सिद्ध नहीं हो सकी थी, जबकि उसके शव पर मिले कपड़े इंगित कर रहे थे कि उसके साथ दुष्कर्म की घटना घटी होगी।

पुलिस से पूछिए कि जांच में क्या मिला? जवाब मिलेगा—“जांच जारी है।”

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Author: Hind Lekhni News

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