
गोंडा।बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से जनपद गोंडा में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी, गोंडा के निर्देश पर बुधवार को एक प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
यह प्रचार गाड़ी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों तथा बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करेगी। प्रचार वाहन पर लगाए गए बैनर एवं संदेशों के माध्यम से आमजन को बताया जा रहा है कि 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह कानूनन अपराध है।
प्रचार सामग्री में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बाल विवाह कराने वाले माता-पिता, रिश्तेदार, पंडित, मौलवी, पादरी सहित इसमें किसी भी प्रकार से सहयोग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें कारावास एवं आर्थिक दंड शामिल है। साथ ही, जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपात स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन 112 की जानकारी भी प्रदर्शित की गई है।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि बाल विवाह न केवल कानून के विरुद्ध है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। समाज के प्रत्येक नागरिक को इस कुप्रथा के खिलाफ एकजुट होकर आगे आना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित, शिक्षित और सशक्त बनाया जा सके।
इस अवसर पर सामाजिक संगठनों, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्थानीय प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह से संबंधित कोई सूचना प्राप्त हो, तो तत्काल संबंधित विभाग या निर्धारित हेल्पलाइन नंबरों पर सूचित करें।
Author: HIND LEKHNI NEWS
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