महराजगंज/रायबरेली। क्षेत्र के मऊ गर्वी गांव की सम्मानित समाजसेविका एवं मिलनसार व्यक्तित्व की धनी मालती देवी द्विवेदी का बुधवार देर रात निधन हो गया। वह 72 वर्ष की थीं। उनके निधन की खबर से गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के अनुसार, दो दिन पूर्व उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ था, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए पहले रायबरेली जिला अस्पताल और फिर लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान स्वास्थ्य में सुधार न होने पर चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें घर लाया गया, जहां बुधवार रात लगभग साढ़े बारह बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
मालती देवी द्विवेदी अपने सरल स्वभाव, समाजसेवा और मानवीय संवेदनाओं के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखती थीं। गांव के सामाजिक, धार्मिक एवं पारिवारिक आयोजनों में उनकी सक्रिय भूमिका रहती थी। उनके निधन का समाचार मिलते ही अंतिम दर्शन के लिए गांव, क्षेत्र तथा दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पहुंचे। गुरुवार को उनके पैतृक बाग में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देते हुए उनके सामाजिक योगदान को याद किया।
शोक सभा में बलकिशोर त्रिपाठी, उमेश तिवारी ‘पप्पू’, ज्योति प्रकाश अवस्थी (अधिवक्ता), लवलेश कुमार पांडेय, मनोज कुमार पांडेय, सूरज कुमार मिश्रा, कांग्रेस नेता दिनेश मिश्रा, नीरज द्विवेदी, नीतू अवस्थी, रिंकू अवस्थी, विनोद तिवारी, अमित तिवारी, उमाकांत अवस्थी, संतोष कुमार पांडेय, नजऊ पांडेय, राम गुलाम तिवारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। क्षेत्रवासियों ने कहा कि मालती देवी द्विवेदी का निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका स्नेहिल व्यवहार, सेवा भावना और सामाजिक समर्पण लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में जीवित रहेगा।
Author: HIND LEKHNI NEWS
सच्चाई की राह कठिन जरूर है, लेकिन यही राह समाज को जागरूक, सशक्त और बेहतर कल की ओर ले जाती है।




