खजाने का रहस्य या सदियों पुराना राज़? रायबरेली के ओई गांव में ज़मीन फटी तो नीचे दिखी रहस्यमयी सुरंग

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रायबरेली। बारिश की एक तेज़ बौछार… और ज़मीन के नीचे दफ़न बरसों पुराना सस्पेंस अचानक सतह पर आ गया! मामला रायबरेली के हरचंदपुर थाना क्षेत्र के ओई गांव का है, जहाँ एक टीले पर स्थित खेत की मिट्टी क्या धंसी, पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। गड्ढे के भीतर झांकते ही लोगों की आँखें फटी की फटी रह गईं—नीचे एक रहस्यमयी सुरंगनुमा संरचना साफ़ नज़र आ रही थी!

शनिवार को इस ‘भूलभुलैया’ को अपनी आँखों से देखने के लिए लोगों का ऐसा हुजूम उमड़ा कि दिनभर मेला सा लगा रहा। हर कोई अपने-अपने अंदाज़ में कयास लगा रहा था—कोई इसे राजा-महाराजाओं का गुप्त रास्ता बता रहा है, तो कोई किसी छिपे खजाने का दरवाज़ा!

प्रशासन सतर्क, डीएम ने बुलाई पुरातत्व विभाग की टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराजगंज एसडीएम, सीओ और भारी पुलिस बल ने तुरंत मौके पर डेरा डाला। अधिकारियों ने टॉर्च जलाकर गड्ढे के सन्नाटे में झांका और बारीकी से जांच-पड़ताल की।

सुरक्षा के लिहाज़ से फिलहाल उस गड्ढे को कटीले तारों से पूरी तरह सील कर दिया गया है ताकि कोई अनहोनी न हो। एसडीएम की रिपोर्ट मिलते ही डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने एक्शन लेते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को पत्र भेज दिया है। अब विशेषज्ञों की टीम ही इस रहस्य से पर्दा उठाएगी कि यह सुरंग कहाँ जाती है और इसके पीछे असली कहानी क्या है!

1995 में भी दिखा था ऐसा ही ‘अजूबा’!

गाँव के बुजुर्गों का दावा है कि यह टीला कोई आम ज़मीन नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक, साल 1975 में इस टीले की करीब 100 एकड़ ज़मीन भूमिहीन किसानों को पट्टे पर दी गई थी। ग्रामीणों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि लगभग 1995 में भी पास के ही एक खेत में ठीक ऐसी ही रहस्यमयी सुरंग निकली थी! हालांकि, उस वक्त खौफ और अनहोनी के डर से लोगों ने चुपचाप उसमें मिट्टी डालकर बंद कर दिया था।

अब जब 30 साल बाद फिर से ज़मीन ने अपना सीना चीरकर यह राज़ उगला है, तो पूरे जिले में बस एक ही चर्चा है—क्या ओई गांव के इस टीले के नीचे दबा है इतिहास का कोई बड़ा पन्ना? जवाब तो अब पुरातत्व विभाग की खुदाई के बाद ही सामने आएगा!

HIND LEKHNI NEWS
Author: HIND LEKHNI NEWS

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