








करनैलगंज, गोंडा। रमज़ान के पवित्र महीने के बाद आने वाला ईद उल फित्र का त्योहार खुशियों, भाईचारे और अमन का संदेश लेकर आता है। यह पर्व सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि इंसानियत और आपसी मोहब्बत को बढ़ाने का भी माध्यम है। सोमवार को करनैलगंज में ईद उल फित्र का त्योहार हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। हजारों की संख्या में अकीदतमंदों और रोजेदारों ने ईदगाह और मस्जिदों में सामूहिक रूप से नमाज अदा की।
शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई नमाज।
सुबह से ही ईदगाह और आसपास की मस्जिदों में रौनक देखने को मिली। दूर-दराज से आए हजारों नमाजियों ने पूरी श्रद्धा और धार्मिक भावना के साथ नमाज अदा की। करनैलगंज की ऐतिहासिक ईदगाह में ईद की नमाज इमाम-ए-ईदैन शमीम अहमद अच्छन ने पढ़ाई। उन्होंने अपने संबोधन में ईद उल फित्र के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह त्योहार आपसी रंजिशें मिटाकर मोहब्बत को बढ़ावा देने का अवसर है। उन्होंने सभी को अमन, भाईचारे और एकता का संदेश दिया।
प्रशासन और नगर पालिका रही मुस्तैद
ईद की नमाज को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा। ईदगाह और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया था। नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों ने भी सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का ध्यान रखा। ईदगाह में आने वाले नमाजियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
ईदगाह मार्ग को सजाया गया, प्याऊ की भी रही व्यवस्था
इस बार ईदगाह मार्ग को विशेष रूप से सजाया गया था। मोहल्लेवासियों और नगर के नौजवानों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ इस पावन पर्व की तैयारी की। जगह-जगह गुब्बारे लगाए गए और सड़कों को दुल्हन की तरह सजाया गया। साथ ही, श्रद्धालुओं के लिए प्याऊ की भी व्यवस्था की गई, जिससे आने-जाने वाले लोगों को गर्मी से राहत मिल सके।
भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक बना ईद का त्योहार
ईद उल फित्र सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सौहार्द और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का पर्व है। इस मौके पर लोग एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देते हैं और अपने रिश्तों को और मजबूत बनाते हैं। करनैलगंज में भी ईद के इस पावन अवसर पर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
ईद का यह त्योहार सभी को एकता और प्रेम का संदेश देता है और यही इसकी खूबसूरती है।
