







गोण्डा। नवीन गल्ला मंडी में प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंडी कार्यालय में कुछ कर्मियों के प्रभाव के आगे मंडी सचिव भी असहाय नजर आ रहे हैं। बताया जाता है कि करीब चार वर्ष पूर्व शासन से आए नोडल अधिकारी द्वारा धान खरीद में अनियमितता पाए जाने पर मंडी निरीक्षक राजेश सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद उनका तबादला कर दिया गया। लेकिन रसूख और पहुंच के दम पर वह दोबारा गोण्डा लौट आए। चर्चा है कि मंडी निरीक्षक खुलेआम कहते हैं कि उनके खिलाफ कोई भी पत्रकार खबर प्रकाशित करने की हिम्मत नहीं कर सकता।
मंडी कार्यालय में दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन महिला कर्मचारी ही कार्यालय में कार्यरत नजर आती हैं, जबकि पवन बाल्मीकि नामक कर्मचारी बाइक से घूमने और सचल दल के साथ चौपहिया वाहन में कार्य करने में व्यस्त रहता है। नवीन गल्ला मंडी में बड़े व्यापारियों द्वारा नीलामी चबूतरे पर अवैध कब्जा कर लिया गया है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कोई कार्रवाई नहीं हो रही। स्थानीय व्यापारियों और किसानों में इस अनियमितता को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।
