बेटी की मौत के बाद न्याय मांगने पहुंचे परिजनों से थाने में कथित मारपीट, पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

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कर्नलगंज गोण्डा –गोंडा जनपद के कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र से सामने आई एक घटना ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां एक पिता अपनी 14 वर्षीय बेटी की दर्दनाक मौत के बाद न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंचा, वहीं दूसरी ओर उसे कथित रूप से अपमान, गाली-गलौज और हाथापाई का सामना करना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और भी तूल पकड़ता जा रहा है।

सड़क हादसे में गई मासूम की जान

पीड़ित विनोद कुमार सिंह, निवासी ग्राम मोहम्मदपुर कमियार बछलनपुरवा (थाना करनैलगंज), के अनुसार 27 अप्रैल 2026 को उनकी पुत्री दिव्या सिंह स्कूल से घर लौट रही थी। छतौनी चौराहे के पास गोंडा-लखनऊ मार्ग पार करते समय एक तेज रफ्तार अर्टिगा कार (UP32ZN9580) ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दिव्या गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ी और बेहोश हो गई। परिजन और स्थानीय लोग उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम बहराइच जिला अस्पताल में कराया गया।

ड्राइवर पकड़ा गया, फिर छोड़ दिया गया—परिजनों का आरोप

परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे छोड़ दिया। इतना ही नहीं, एफआईआर में भी चालक का नाम दर्ज नहीं किया गया। जब परिजन बार-बार थाने जाकर पूछताछ करने लगे, तो उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा—कभी मुंशी के पास भेजा गया, तो कभी दरोगा के पास।

थाने में ‘गुंडागर्दी’ का आरोप, सिपाही पर गंभीर सवाल

मामले ने उस वक्त गंभीर मोड़ ले लिया जब परिजनों का आरोप है कि थाने में मौजूद एसओजी के सिपाही अमित पाठक ने, जो कथित रूप से सिविल ड्रेस में और नशे की हालत में थे, उनके साथ अभद्रता की। आरोप है कि सिपाही ने गाली-गलौज करते हुए पिस्टल तक निकाल ली और धमकी दी। परिजनों का कहना है कि उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए गए और रिकॉर्ड किए गए वीडियो डिलीट कर दिए गए। करीब एक घंटे तक उन्हें थाने में बैठाए रखा गया।

वायरल वीडियो ने खोली पोल

इस घटना का एक छोटा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कथित रूप से हाथापाई की झलक दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल और गहरे हो गए हैं।

कोतवाल का बयान—‘सिर्फ बातचीत हो रही थी’

वहीं, कर्नलगंज कोतवाल ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि थाने में केवल बातचीत हो रही थी। हालांकि, जब उन्हें वायरल वीडियो में हाथापाई की बात बताई गई, तो उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो वीडियो उपलब्ध कराया जाए, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

लगातार घटनाएं, लेकिन कार्रवाई नदारद

स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्नलगंज क्षेत्र में हाल के दिनों में कई आपराधिक घटनाएं हुई हैं—दिनदहाड़े हमला, लूट जैसे मामलों में आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। BNS की धारा 109 के तहत मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में पुलिस की निष्क्रियता और पीड़ितों के साथ कथित दुर्व्यवहार ने व्यवस्था की पोल खोल दी है।

जनता में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग

एक तरफ बेटी को खोने का दर्द, दूसरी तरफ न्याय के लिए भटकते परिजन—यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों व आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो और गंभीर आरोपों के बीच प्रशासन क्या रुख अपनाता है—क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

HIND LEKHNI NEWS
Author: HIND LEKHNI NEWS

लोगों की निंदा से घबराकर, अपना रास्ता मत बदलना, क्योंकि सफलता शर्म से नहीं, साहस से मिलती है। हिन्द लेखनी न्यूज

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