







गोंडा। करनैलगंज तहसील क्षेत्र के विकास खंड हलधरमऊ अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़रिया में मनरेगा योजना के तहत कराए गए तालाब निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए मंडलायुक्त देवीपाटन मंडल से जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्राम पंचायत पड़रिया निवासी अमरेश प्रजापति ने मंडलायुक्त को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि गांव में स्थित गाटा संख्या 345 राजस्व अभिलेखों में आबादी भूमि के रूप में दर्ज है। आरोप है कि वर्ष 2017–18 में तत्कालीन ग्राम प्रधान के कार्यकाल में इसी भूमि पर मनरेगा योजना के तहत तालाब निर्माण कराया गया और इस कार्य के नाम पर कुल 5,46,875 रुपये की धनराशि निकाली गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आबादी भूमि पर बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के भूमि का स्वरूप परिवर्तन कर तालाब का निर्माण कराया गया, जो राजस्व नियमों के विपरीत है। साथ ही तालाब निर्माण कार्य भी पूर्ण रूप से नहीं कराया गया और केवल एक ओर आंशिक रूप से रास्ते का निर्माण किया गया, जबकि शेष कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि इस कार्य में जल निकासी और तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। इसके अलावा ग्राम सभा का प्रस्ताव और विधिक स्वीकृति के अभाव के बावजूद लाखों रुपये की निकासी दिखा दी गई, जिससे कार्य और भुगतान के बीच असंगति प्रतीत होती है। शिकायतकर्ता ने तत्कालीन ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी और रोजगार सेवक की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मस्टर रोल, मजदूरी भुगतान और कार्य प्रगति का सत्यापन इन अधिकारियों की संस्तुति से होता है, ऐसे में बिना वैधानिक स्वीकृति के भुगतान होना गंभीर अनियमितता का संकेत देता है।
अमरेश प्रजापति ने मंडलायुक्त से पूरे मामले की राजस्व एवं तकनीकी संयुक्त जांच कराए जाने, भूमि को उसकी मूल स्थिति में बहाल करने तथा दोष सिद्ध होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ धन वसूली के साथ दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
Author: HIND LEKHNI NEWS
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