
कर्नलगंज (गोंडा)।कर्नलगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा मुंडेरवा निवासी अखंड प्रताप सिंह ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कठिन परिश्रम के बल पर एक बार फिर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित UGC-NET दिसंबर 2025 के परिणाम में उन्होंने हिंदी विषय में 99.7231504 परसेंटाइल प्राप्त कर जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) एवं असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए सफलता हासिल की है।
अखंड प्रताप सिंह प्रारंभ से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा श्री चित्रगुप्त इंटर कॉलेज से उत्तीर्ण करते हुए विद्यालय में टॉप किया और स्कूल का नाम रोशन किया। इसके बाद उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से स्नातक की पढ़ाई में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए टॉप रैंक प्राप्त की। आगे चलकर उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की, जहां सत्र 2025 में उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
अखंड प्रताप सिंह एक शिक्षा-समर्पित परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता श्री कृष्ण देव सिंह(के. डी . सिंह)पेशे से अधिवक्ता हैं, जबकि उनके बाबा स्वर्गीय सूबेदार सिंह प्राइमरी विद्यालय में हेड मास्टर के पद पर कार्यरत रहे। परिवार की यही शैक्षिक परंपरा अखंड प्रताप सिंह के लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत बनी।
उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर श्री चित्रगुप्त इंटर कॉलेज के प्रबंधक श्री वी.के. श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य गजेंद्र कुमार श्रीवास्तव, रवि प्रताप सिंह सहित समस्त स्टॉफ ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इसके साथ ही ग्राम मुंडेरवा के दिनेश कुमार सिंह, प्रधानाध्यापक पीएम श्री कंपोजिट स्कूल कर्नलगंज, रवि प्रताप सिंह, प्रधानाचार्य प्राथमिक विद्यालय धौरहरा, अरविंद सिंह एडवोकेट (हाईकोर्ट), विवेक सिंह (जिला पंचायत सदस्य, कर्नलगंज द्वितीय) सहित कर्नलगंज तहसील के समस्त अधिवक्ताओं ने भी फोन के माध्यम से बधाई देते हुए अपनी खुशी जाहिर की।
अखंड प्रताप सिंह की इस उपलब्धि से पूरे कर्नलगंज क्षेत्र और जनपद में हर्ष का माहौल है। उनकी सफलता आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है और यह सिद्ध करती है कि निरंतर परिश्रम और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
Author: HIND LEKHNI NEWS
लोगों की निंदा से घबराकर, अपना रास्ता मत बदलना, क्योंकि सफलता शर्म से नहीं, साहस से मिलती है। हिन्द लेखनी न्यूज







