
सफलता की एक्सप्रेस: गोंडा के ‘एसीएल’ को देश में डायमंड, यूपी में मिला गोल्ड।

नई दिल्ली के स्कोप कन्वेंशन सेंटर में गूंजा कर्नलगंज का नाम, अजीत प्रताप दीक्षित को मिल
ब्यूरो, नई दिल्ली/गोंडा।उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र की प्रतिभा ने राष्ट्रीय मंच पर एक नई मिसाल कायम की है। गोंडा जनपद के कर्नलगंज स्थित एसीएल एकेडमी ऑफ कंप्यूटर लर्निंग ने ‘लीडरशिप एक्सीलेंस अवार्ड्स 2025’ में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो बड़े सम्मान अपने नाम किए हैं। संस्था को राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ग्लोबल डायमंड अवार्ड तथा उत्तर प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्टेट गोल्ड अवार्ड से सम्मानित किया गया।
नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित भव्य समारोह में यह सम्मान संस्थान के निदेशक अजीत प्रताप दीक्षित को प्रदान किया गया। समारोह में लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजेश गोयल, कोटा यूनिवर्सिटी की डायरेक्टर प्रो. डॉ. अनुकृति शर्मा तथा आरजीसीएसएम के चेयरमैन डॉ. केपी सिंह ने संयुक्त रूप से उन्हें सम्मानित किया।
हरियाणा-बंगाल का दबदबा टूटा, यूपी ने मारी बाजी।
अब तक इन पुरस्कारों में हरियाणा और पश्चिम बंगाल के संस्थानों का वर्चस्व माना जाता रहा है, लेकिन इस वर्ष कर्नलगंज की इस संस्था ने उत्तर प्रदेश को गौरवान्वित करते हुए नया इतिहास रचा। वक्ताओं ने कहा कि अजीत प्रताप दीक्षित ने ‘डिजिटल इंडिया’ की सोच को गांव-गांव तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया है।
लालटेन से लैपटॉप तक का 20 साल का सफर।
संस्थान की यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। करीब दो दशक पूर्व, जब ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली और इंटरनेट की सुविधा सीमित थी, तब अजीत दीक्षित ने तकनीकी शिक्षा की अलख जगाई। आज संस्था से प्रशिक्षित हजारों छात्र देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों एवं सरकारी संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
सम्मान प्राप्त करने के बाद अजीत प्रताप दीक्षित ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल प्रमाणपत्र देना नहीं, बल्कि युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि बेरोजगारी को जड़ से समाप्त किया जा सके।”
शिक्षाविदों और छात्रों में उत्साह
संस्थान की इस सफलता पर गोंडा और अवध क्षेत्र के शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों एवं छात्रों में खुशी की लहर है। वरिष्ठ प्रशिक्षक रमेश पांडेय, बलदेव पांडेय, सौरभ गुप्ता और अजय मौर्या सहित पूरी टीम को बधाइयां मिल रही हैं।
सफलता के चार स्तंभ
राष्ट्रीय पहचान: देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए डायमंड अवार्ड।
प्रदेश में शीर्ष स्थान: यूपी में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए गोल्ड सम्मान।
20 वर्षों का अनुभव: ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा का सशक्त विस्तार।
हजारों युवाओं का भविष्य उज्ज्वल: सरकारी व निजी क्षेत्रों में सफल नियुक्तियां।
गोंडा के कर्नलगंज की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो गांव की पगडंडी से भी सफलता की एक्सप्रेस सीधे राष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकती है।
Author: HIND LEKHNI NEWS
लोगों की निंदा से घबराकर, अपना रास्ता मत बदलना, क्योंकि सफलता शर्म से नहीं, साहस से मिलती है। हिन्द लेखनी न्यूज








