महराजगंज, रायबरेली। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने लंबित मांगों के समाधान को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। शनिवार 3 अक्टूबर को लेखपाल समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक धरना देंगे और इसके बाद उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई न होने पर 17 अक्टूबर से प्रदेशभर में संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
संघ की प्रमुख मांगों में लेखपालों का प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 (ग्रेड पे 2800) किए जाने, वेतन विसंगति दूर करने, अंतर्मंडलीय स्थानांतरण पोर्टल दोबारा खोलने तथा चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने की मांग शामिल है। संघ का कहना है कि विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद पदोन्नति सूची जारी नहीं हुई है।
इसके अलावा चयन वर्ष 2024 के नवनियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम और प्रमाणपत्र जारी कर स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग उठाई गई है। स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 500 रुपये, वाहन भत्ता 1500 रुपये तथा विशेष भत्ता 100 से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की भी मांग है।
लेखपाल संघ ने भूलेख कार्यालयों और विभिन्न पटलों पर संबद्ध लेखपालों को कार्यमुक्त करने, ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त संसाधन व सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने तथा लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित कर लैपटॉप और मोबाइल जैसे संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है।
संघ द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 8 अक्टूबर को ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार, 10 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर थाना दिवस में कार्य, 12 अक्टूबर को रक्तदान शिविर और 14 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी। 17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालयों पर संपूर्ण कार्य बहिष्कार के साथ धरना दिया जाएगा। इसके बाद 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
Author: HIND LEKHNI NEWS
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