मेला में पुलिस-प्रशासन, पंचायत प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और विधुत विभाग रहा मुस्तैद
गोवर्धन. विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेला आठ दिन बाद बृहस्पतिवार को शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक सफल हो गया. जिससे प्रशासन ने राहत को सांस ली. 23 से 30 जुलाई तक चले आठ दिवसीय मेले में करीब 1.75 करोड़ श्रद्धालुओं ने गिरिराज की परिक्रमा की। भारी भीड़ के बावजूद जिला एवं पुलिस प्रशासन की सुदृढ़ व्यवस्थाओं के चलते पूरे मेले में कोई बड़ी अव्यवस्था सामने नहीं आई।
मेला की तैयारियां में जिला और पुलिस प्रशासन और नगर पंचायत प्रशासन ने करीब छह माह पहले शुरू कर दी थीं। इस दौरान लगातार समीक्षा बैठकें हुईं और सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य समेत सभी व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। पूर्व नियोजन और विभागों के समन्वय से श्रद्धालुओं को सुरक्षित व सुगम परिक्रमा का अवसर मिला।
एकादशी और चौदस की रात उमड़ा आस्था का सैलाब
एकादशी और सप्ताहांत की छुट्टियों के दौरान मेले में श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक रही। इन दिनों प्रतिदिन करीब 25 लाख श्रद्धालु परिक्रमा मार्ग पर पहुंचे। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए एडीजी जोन आगरा, मंडलायुक्त, डीआईजी, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार पैदल भ्रमण करते रहे और मौके पर आवश्यक निर्देश देते रहे।
184 संवेदनशील स्थानों पर रही कड़ी निगरानी
एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि मेले के दौरान 184 संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। इसके लिए इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम, वॉच टावर, सीसीटीवी कैमरे और वायरलेस संचार प्रणाली सक्रिय रही। यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए बसों का संचालन वन-वे व्यवस्था के तहत कराया गया तथा वाहनों के लिए निर्धारित दूरी पर पार्किंग की व्यवस्था की गई, जिससे परिक्रमा मार्ग पर जाम की स्थिति नहीं बनी।
स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं के रहे बेहतर इंतजाम
मेले में स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा और प्रकाश व्यवस्था सहित सभी आवश्यक नागरिक सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रशासन की सतर्कता और श्रद्धालुओं के सहयोग से पूरा मेला शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। सफल आयोजन पर श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन और पुलिस की व्यवस्थाओं की सराहना की।
Author: HIND LEKHNI NEWS
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