बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में वर्षों से अधूरी पड़ी सीवर परियोजना और जर्जर सड़क को लेकर स्थानीय लोगों ने मंगलवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। काजीपुरा क्रॉसिंग से एनसीसी तिराहे तक खुदी पड़ी सड़क के गड्ढों में प्रदर्शनकारियों ने धान की रोपाई कर प्रशासन और सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब यहां आवागमन के बजाय खेती करना ज्यादा आसान है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि सड़क जल्द नहीं बनती तो इसे किसानों को खेती और मछली पालन के लिए ही सौंप दिया जाए।
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस के युवा नेता सागर सिंह राहुल ने आरोप लगाया कि पिछले तीन-चार वर्षों से सड़क निर्माण के नाम पर केवल खुदाई हो रही है। उन्होंने कहा कि सड़क की स्थिति “मोहनजोदड़ो की खुदाई” जैसी दिखाई देती है और सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने धूल, गंदगी और बदहाल सड़क के कारण स्थानीय लोगों को हो रही परेशानियों का भी जिक्र किया।
इस दौरान कांग्रेस नेता रूपेश चौबे ने कहा कि बलिया की सीवर परियोजना वर्ष 2006 के आसपास शुरू हुई थी, लेकिन करीब दो दशक बाद भी पूरी नहीं हो सकी। उनका आरोप है कि सीवर और सड़क निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन धरातल पर अपेक्षित कार्य दिखाई नहीं देता। उन्होंने इस परियोजना की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए इसे जिले का सबसे बड़ा सीवर घोटाला बताया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप पूरा नहीं किया गया और सीवर परियोजना की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो वे आमरण अनशन सहित उग्र आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।
Author: HIND LEKHNI NEWS
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