श्री अयोध्या धाम की 84 कोसी परिक्रमा मकोड़ा धाम से प्रारंभ, श्रद्धालुओं में अपार उत्साह

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कर्नलगंज/अयोध्या।पवित्र नगरी अयोध्या में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक 84 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ इस वर्ष श्री सद्गुरु कृपा मंडल के नेतृत्व में 2 अप्रैल से माकभूमि मकोड़ा धाम से विधिवत रूप से प्रारंभ हुआ। इस पावन अवसर पर सद्गुरु कृपा मंडल के गया प्रसाद जी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

क्या है 84 कोसी परिक्रमा का महत्व

84 कोसी परिक्रमा हिन्दू धर्म की एक अत्यंत प्राचीन और महत्वपूर्ण परंपरा है, जो भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या की परिधि में लगभग 252 किलोमीटर (84 कोस) क्षेत्र को समाहित करती है। मान्यता है कि इस परिक्रमा को करने से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, यह परिक्रमा त्रेता युग से चली आ रही है और इसका संबंध भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि इस क्षेत्र की परिक्रमा करने से भक्त को भगवान राम की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

परिक्रमा का मार्ग और आयोजन

यह परिक्रमा विभिन्न पवित्र स्थलों से होकर गुजरती है, जिसमें संत-महात्मा पैदल यात्रा करते हुए रामायणकालीन स्थलों का दर्शन करते हैं। मकोड़ा धाम से प्रारंभ होकर यह यात्रा कई जनपदों से गुजरते हुए पुनः अयोध्या में संपन्न होती है।

श्री सद्गुरु कृपा मंडल के नेतृत्व में प्रारंभ हुई इस यात्रा में अनुशासन, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। जगह-जगह भंडारे, विश्राम स्थलों एवं चिकित्सा शिविरों की भी व्यवस्था की गई है।

प्रशासन की सतर्कता

परिक्रमा के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्गों की सफाई, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

भक्तों में उत्साह

परिक्रमा के शुभारंभ के साथ ही श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। दूर-दराज से आए भक्तजन इस धार्मिक यात्रा को लेकर अत्यंत उत्साहित नजर आए और भगवान श्रीराम के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

यह 84 कोसी परिक्रमा न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था का जीवंत प्रतीक भी है।

HIND LEKHNI NEWS
Author: HIND LEKHNI NEWS

लोगों की निंदा से घबराकर, अपना रास्ता मत बदलना, क्योंकि सफलता शर्म से नहीं, साहस से मिलती है। हिन्द लेखनी न्यूज

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