







गोंडा, 28 फरवरी 2015 – एन.एच. पब्लिक स्कूल, भुलियापुर पुल (निकट गोंडा-लखनऊ हाईवे) में तृतीय विज्ञान दिवस समारोह के अवसर पर विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस दौरान कक्षा नर्सरी से कक्षा 8 तक के छात्रों ने शिक्षकों के कुशल निर्देशन में 40 से अधिक विज्ञान परियोजनाएँ प्रस्तुत कीं।
छात्रों ने दिखाया रचनात्मक कौशल
प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग में “गति के प्रकार” का नेतृत्व कप्तान सुमैया, “अम्लीय वर्षा” का नेतृत्व कप्तान बेबी मिश्रा, और “पृथ्वी का ज्वालामुखी” का नेतृत्व कप्तान ज़ोया ने किया, जिन्होंने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्राथमिक वर्ग (कक्षा 1 से 5) में “ग्राम जीवन और नगर जीवन” परियोजना का नेतृत्व कप्तान नितेश यादव ने किया और इसे प्रथम स्थान मिला। “भारत का मानचित्र” परियोजना का नेतृत्व कप्तान काव्या पटेल ने किया और इसे द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि “घरों के प्रकार” परियोजना का नेतृत्व कप्तान ऋषि सोनी ने किया और इसे तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
नर्सरी, एल.के.जी. एवं अन्य छोटे बच्चों के समूह में “परिवार के प्रकार” परियोजना प्रथम, “वर्णमाला गृह” परियोजना द्वितीय, और “हमारे सहायक” परियोजना तृतीय स्थान पर रही।
मुख्य अतिथि ने किया उद्घाटन

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्रीमती अल्पिका वर्मा ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य प्रमोद कुमार सिंह, किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रज़ी उद्दीन बच्चन, सत्यप्रकाश सिंह, आर.पी.एस. इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रवीण श्रीवास्तव, श्रीमती प्रज्ञा श्रीवास्तव, चंद्र प्रकाश तिवारी, ओम प्रकाश अवस्थी, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, पंकज तिवारी, जियाउल हक, राजू रावत, अख्तर हुसैन, अमर सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बच्चों को किया गया सम्मानित
निर्णायक समिति के अध्यक्ष श्री सुधीर सिंह (प्रधानाचार्य, गायत्री इंटर कॉलेज) ने विजेताओं की घोषणा की, और श्री सनत कुमार त्रिवेदी ने अपने प्रेरणादायक भाषण से कार्यक्रम की शुरुआत की।
अंत में विद्यालय प्रबंधिका मिस खुशनुमा हसन ने विजयी छात्रों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया और उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम की सफलता में डी.पी. वर्मा, आर.पी. दीक्षित, अजय गौतम, आमिर हुसैन, मधु सिंह, आराध्या सिंह, निधि सिंह, नीतू सिंह, प्रतिभा सिंह, रोली गौतम सहित अन्य शिक्षकों और कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।
