

नगर में चल रहे झूलेलाल महोत्सव में प्रभु झूलेलाल का मुकुट, माला एवं आरती थाल बनाओ कार्यक्रम आयोजित होने के साथ सिंधी
क्षेज (नृत्य रात्रि)भी बनाई गई l सिंधी समाज के मीडिया प्रभारी किशन राजपाल ने बताया की कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु झूलेलाल की आरती उतार कर की गई। उसके बाद लाल साईं का पंजड़ा गान गाकर प्रभु झूलेलाल की स्तुति की गई। फिर पहले से ही तैयार की गई। प्रभु झूलेलाल की माला मुकुट एवं आरती थाल का प्रदर्शन किया गया। उसके बाद सभी माला और मुकुट भगवान झूलेलाल को अर्पित कर पहनाया गया। आरती थाल भगवान की समक्ष रखे गए। उसके पश्चात सिंधी चेंज (नृत्य रात्रि) की शुरुआत की गई। जिसमें प्रभु झूलेलाल के तीव्र संगीत के भजन चलाए गए। जिससे कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित सभी महिलाएं एवं पुरुष वहां बज रहे संगीत की धुन पर थिरकने लगे। पूरा कार्यक्रम स्थल ही भक्ति में हो गया। अंत में भगवान झूलेलाल के समक्ष पल्लव (अरदास करके) पा कर कार्यक्रम का समापन किया गया। अंत में सब ने एक साथ बैठकर श्रद्धापूर्वक लंगर का प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम में प्रीषा तलरेजा (आरती थाल), लसीका तलरेजा(मुकुट), लविशा लधानी (माला), अवनी नेभानी (आरती थाल) मुख्य रूप से शामिल रहे।
Author: HIND LEKHNI NEWS
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