
महराजगंज (रायबरेली)। महराजगंज क्षेत्र के ओई गांव में जमीन धंसने के बाद निकली रहस्यमयी सुरंग ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। सुरंग के भीतर से प्राचीन मिट्टी की सुराही, हैंडल वाली धूपदानी और अन्य पुराने अवशेष मिलने की सूचना के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर वैज्ञानिक सर्वेक्षण शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, यह सुरंग ओई गांव निवासी गुरुदेई पत्नी स्वर्गीय रामदेव के खेत में हाल की भारी बारिश के बाद जमीन धंसने से सामने आई। ऊपर से करीब एक मीटर का छोटा गड्ढा दिखाई देता है, लेकिन भीतर कई मीटर गहरी और लगभग 10 मीटर चौड़ी गुफानुमा संरचना होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का दावा है कि सुरंग के अंदर पुरानी ईंटों से बनी संरचना और कई प्राचीन अवशेष दिखाई दे रहे हैं।
ओई गांव पहले से ही अपने ऐतिहासिक टीले के लिए प्रसिद्ध रहा है। ऐसे में इस नई खोज ने इतिहासकारों और स्थानीय लोगों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देश पर उपजिलाधिकारी चंद्र प्रकाश गौतम की रिपोर्ट के आधार पर एएसआई और राजस्व विभाग की टीम वैज्ञानिक जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सुरंग की वास्तविक आयु, उद्देश्य और ऐतिहासिक महत्व पर आधिकारिक जानकारी दी जाएगी।
सुरंग की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे। कुछ लोगों ने गड्ढे के भीतर उतरने का भी प्रयास किया, जिससे हादसे की आशंका बढ़ गई। इसे देखते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र की बैरिकेडिंग करा दी है और 24 घंटे पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा घेरा पार न करने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
Author: HIND LEKHNI NEWS
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