पेड़ गिरने और लंगूर के कारण ठप हुई बिजली, चंदापुर फीडर के 50 गांवों ने अंधेरे में गुजारी रात

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

महराजगंज/रायबरेली। चंदापुर फीडर के अंतर्गत गुरुवार रात अचानक बिजली आपूर्ति बाधित होने से करीब 50 गांवों के हजारों उपभोक्ताओं को पूरी रात उमस भरी गर्मी और अंधेरे में गुजारनी पड़ी। रात लगभग 10:15 बजे बिजली गुल होने के बाद शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर बिजली बाधित हो गई। विभागीय टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद फाल्ट दूर कर दोबारा सप्लाई सुचारू कराई।

बिजली कटौती के कारण सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उठानी पड़ी। भीषण उमस के चलते लोग पूरी रात सो नहीं सके। कई घरों में इनवर्टर भी जवाब दे गए, जिससे लोगों को हाथ के पंखों के सहारे रात बितानी पड़ी। सुबह बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन दोबारा सप्लाई बाधित होने से उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ गई।

विद्युत विभाग के अनुसार, कुशमहुरा गांव में एक पेड़ विद्युत लाइन पर गिर जाने से रात में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। विभागीय टीम ने रात में पेट्रोलिंग की, लेकिन अंधेरा होने के कारण फाल्ट का सही स्थान नहीं मिल सका। शुक्रवार सुबह सूचना मिलने पर कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाया और लाइन की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी।

इसी दौरान अन्दूपुर गांव में एक लंगूर के विद्युत लाइन पर कूदने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई और बिजली का तार टूटकर नीचे गिर गया। इससे एक बार फिर पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। सूचना मिलते ही विभागीय कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त तार बदलकर आपूर्ति पुनः चालू कर दी।

चंदापुर फीडर के जूनियर इंजीनियर (जेई) सुनील कुमार ने बताया कि रातभर विभागीय टीम लगातार पेट्रोलिंग करती रही, लेकिन अंधेरे के कारण फाल्ट का पता नहीं चल सका। सुबह पेड़ गिरने की जानकारी मिलने पर लाइन दुरुस्त की गई। इसके बाद अन्दूपुर में लंगूर के कारण तार टूटने की दूसरी घटना हुई, जिसे भी तत्काल ठीक कर आपूर्ति सामान्य कर दी गई।

उधर, पूरी रात बिजली संकट झेलने वाले उपभोक्ताओं ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि हर मौसम में बिजली कटौती के लिए प्राकृतिक कारणों का हवाला दिया जाता है, लेकिन निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था नहीं की जा रही है।

विभागीय कर्मचारियों के अनुसार, इस घटना से चंदापुर फीडर से जुड़े लगभग 50 गांव प्रभावित हुए। शुक्रवार पूर्वाह्न तक सभी तकनीकी खामियों को दूर कर बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गई, हालांकि लगातार हो रही बिजली बाधित होने की घटनाओं से क्षेत्रवासियों में असंतोष बना हुआ है।

HIND LEKHNI NEWS
Author: HIND LEKHNI NEWS

सच्चाई की राह कठिन जरूर है, लेकिन यही राह समाज को जागरूक, सशक्त और बेहतर कल की ओर ले जाती है।

Leave a Comment

और पढ़ें