
कर्नलगंज/गोण्डा। कर्नलगंज क्षेत्र में नरायनपुर में और पिपरी में खजूर के पेड़ों से निकाली जा रही ताड़ी की खुलेआम बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। क्षेत्र के कुछ लोगों का आरोप है कि बाहरी व्यक्ति लंबे समय से यहां ताड़ी का कारोबार कर रहे हैं और प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि ताड़ी निकालने से पहले पेड़ों पर चढ़कर किसी प्रकार का तरल पदार्थ मिलाया जाता है, जिसके बाद उसे एकत्र कर बिक्री की जाती है। इस संबंध में जब मीडिया कर्मियों ने संबंधित हल्का दरोगा से जानकारी चाही तो उन्होंने ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी होने से इनकार कर दिया। जबकि क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पिछले लगभग दो महीनों से यह गतिविधि खुलेआम संचालित हो रही है।मामले में सबसे अधिक चर्चा उस समय शुरू हुई जब पुलिस से बातचीत के कुछ ही मिनट बाद मीडिया कर्मियों के पास कई फोन कॉल आने लगे और कुछ लोग कथित ताड़ी विक्रेताओं के पक्ष में सिफारिश करते दिखाई दिए। इससे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों का सवाल है कि यदि पुलिस को मामले की जानकारी नहीं थी तो मीडिया की गतिविधियों की सूचना इतनी तेजी से संबंधित लोगों तक कैसे पहुंच गई?अब स्थानीय नागरिक प्रशासन और आबकारी विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि ताड़ी की बिक्री वैध है तो इसकी स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। फिलहाल मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासनिक जांच का इंतजार कर रहे हैं।
Author: HIND LEKHNI NEWS
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