डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दिए निर्देश

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बहराइच, 30 अगस्त 2025।कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार देर शाम आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान डीएम ने निर्देश दिया कि सभी डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्रों पर समय से मौजूद रहकर मरीजों को शासन की मंशा के अनुरूप बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करें।

उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में संक्रामक रोगों की रोकथाम हेतु दवाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। आशा कार्यकर्ताओं के कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि संतोषजनक कार्य न करने वाली आशाओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मिहींपुरवा क्षेत्र के सभी गांवों में स्वास्थ्य मेले आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में बौनापन की समस्या कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग व आईसीडीएस संयुक्त रूप से कार्य करें और इसके कारणों का अध्ययन कर कार्ययोजना बनाएं। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिक से अधिक मोतियाबिंद मरीजों का चिन्हांकन कर निःशुल्क ऑपरेशन कराने और वृद्धों को चश्मा वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नेत्रदान जागरूकता पखवाड़ा (8 सितम्बर तक) में लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करने पर भी बल दिया।

उन्होंने आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन के अंतर्गत आभा आईडी निर्माण में प्रदेश स्तर पर 8वें स्थान पर आने पर प्रसन्नता जताई और जल्द ही शत-प्रतिशत लाभार्थियों की आईडी बनाने के निर्देश दिए। संभव अभियान के अंतर्गत कुपोषित बच्चों के उपचार व पोषण की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने और पोषण ट्रैकर एवं ई-कवच पोर्टल पर समय से सही डेटा फीड करने को कहा।

नियमित टीकाकरण की समीक्षा में पाया गया कि लगभग 2200 परिवार बच्चों का टीकाकरण कराने से मना कर रहे थे, जिनमें से 1050 बच्चों को विशेष अभियान के तहत टीके लगाए गए। इस उपलब्धि में सीएचसी फखरपुर सबसे आगे रहा। डीएम ने निर्देशित किया कि शेष परिवारों के बच्चों का भी पूर्ण टीकाकरण ब्लॉक रिस्पांस टीम की मदद से कराया जाए।

आकांक्षात्मक ब्लॉक हुजूरपुर की समीक्षा में पाया गया कि प्रथम त्रैमास में गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन 60%, संस्थागत प्रसव 97% तथा चार जांचें 77% हुई हैं। जिलाधिकारी ने इसमें सुधार लाने के निर्देश दिए और गर्भवती महिलाओं का ब्लडप्रेशर व शुगर की शत-प्रतिशत जांच कराने को भी कहा।

इसके अलावा परिवार नियोजन, बाल विवाह व अशिक्षा की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि बार्डर ब्लॉकों के गांवों में विशेष शिविर आयोजित कर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ बाल विवाह रोकथाम और नारी शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार, सीएमएस एम.एम. पाण्डेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पाण्डेय, डीपीएम सरजू खां सहित प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

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Author: Hind Lekhni News

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