पीएम किसान निधि की 20वीं किस्त पर जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न, किसानों को मिली डिजिटल सौगात

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गोण्डा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त के अवसर पर शुक्रवार, 2 अगस्त 2025 को दीनदयाल शोध संस्थान, लाल बहादुर शास्त्री कृषि विज्ञान केंद्र, गोपालग्राम में जिला कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा ₹20,500 करोड़ की राशि देशभर के 9 करोड़ 70 लाख से अधिक किसानों के खातों में डिजिटल रूप से भेजी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित किसान मोर्चा के अध्यक्ष माननीय विद्याभूषण द्विवेदी ने इस योजना को छोटे एवं सीमांत किसानों के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।

विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेनू दुबे ने महिला किसानों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाएं सिर्फ खेत मजदूर नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक रीढ़ हैं। उन्होंने महिला किसानों तक सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता को सीधे व सरलता से पहुंचाने की आवश्यकता बताई।

जिला मंत्री, किसान मोर्चा श्री रवि दुबे ने योजनाओं में पारदर्शिता को सराहते हुए इसे सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। वहीं, संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. लोकेन्द्र सिंह ने इसे किसान कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक कदम कहा। उप निदेशक कृषि डॉ. प्रेम कुमार ठाकुर ने जनपद गोंडा में योजना की प्रगति व क्रियान्वयन की जानकारी दी।

वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. चंद्रमणि त्रिपाठी ने सहजन (मोरिंगा) की पोषण व औषधीय उपयोगिता के साथ-साथ किचन गार्डन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए किसानों को घरेलू बागवानी अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनूप चौहान ने किया, जिन्होंने योजना की जानकारी सरल भाषा में दी और किसानों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए।

कार्यक्रम में गृह विज्ञान इकाई से प्रशिक्षित ममता व शावत्री को 75 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही पोषण और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने हेतु किसानों को 5 सहजन पौधे भी प्रदान किए गए।

करीब 120 किसान इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का वाराणसी से सीधा प्रसारण भी देखा, जिसमें पीएम ने डिजिटल भुगतान, पारदर्शिता, प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य और जल संरक्षण पर विचार साझा किए।

वक्ताओं ने इस कार्यक्रम को राष्ट्रऋषि श्रद्धेय नानाजी देशमुख के विचारों की जीवंत अभिव्यक्ति बताया और इसे ग्रामीण भारत के सतत विकास की दिशा में प्रेरणादायक पहल करार दिया। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी एवं दीनदयाल शोध संस्थान की सीबीबीओ इकाई के सदस्य उपस्थित रहे।

 

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Author: Hind Lekhni News

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