विद्यालय बंदी के विरोध में आम आदमी पार्टी का ज़ोरदार प्रदर्शन, जिलाध्यक्ष अज्जू पण्डित ने सरकार को दी चेतावनी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

गोंडा, 22 जुलाई 2025 –

जनपद गोंडा के प्राथमिक विद्यालय नूरपुर में आज एक अहम राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने विद्यालय बंदी के विरोध में ज़ोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व आम आदमी पार्टी के ज़िलाध्यक्ष अजय कुमार मिश्र ‘अज्जू पण्डित’ ने किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामवासी, छात्र-छात्राओं के अभिभावक, सामाजिक कार्यकर्ता और पार्टी के पदाधिकारी शामिल हुए।

शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए उतरे लोग

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्राथमिक विद्यालय नूरपुर को बंद करना बच्चों के भविष्य के साथ सीधा अन्याय है। सरकार के इस निर्णय ने न केवल बच्चों की शिक्षा को प्रभावित किया है, बल्कि ग्रामीण समाज की मूलभूत आवश्यकताओं पर भी गहरा आघात पहुंचाया है। प्रदर्शन स्थल पर उपस्थित भीड़ हाथों में तख्तियाँ और बैनर लिए हुए थी, जिन पर “विद्यालय खोलो, बच्चों को पढ़ने दो” जैसे नारे लिखे थे।

जिलाध्यक्ष अज्जू पण्डित का तीखा हमला

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अज्जू पण्डित ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा,

> “यह सरकार जनता की आवाज़ को कुचलने में लगी है। अगर बच्चों के स्कूल बंद किए गए, तो ये सरकार खुद भी बंद हो जाएगी। हम इस फैसले का पुरजोर विरोध करते हैं और जब तक विद्यालय को पुनः चालू नहीं किया जाता, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो आम आदमी पार्टी पूरे जनपद में व्यापक आंदोलन छेड़ेगी।

जिला सचिव नियाज़ अहमद की भावुक अपील

इस अवसर पर पार्टी के जिला सचिव नियाज़ अहमद भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि,

> “शिक्षा प्रत्येक बच्चे का संवैधानिक अधिकार है। विद्यालय बंद करना केवल एक संस्था को बंद करना नहीं है, यह एक पूरी पीढ़ी के सपनों को कुचलने जैसा है। हम मांग करते हैं कि सरकार अपना फैसला तुरंत वापस ले।”

स्थानीय नागरिकों का समर्थन

प्रदर्शन में शामिल स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने भी सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की। एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा,

> “हमारे बच्चों को पास के किसी अन्य स्कूल में भेजना मुश्किल है। यह स्कूल हमारे गांव के बच्चों की शिक्षा का एकमात्र साधन था।”

एक महिला अभिभावक भावुक होते हुए कहा कि उनका बेटा पहली कक्षा में पढ़ता था और स्कूल बंद होने के बाद अब घर में बैठा है।

> “हम खेत में काम करते हैं, बच्चे को दूर भेज नहीं सकते। स्कूल बंद कर देना मतलब उसकी पढ़ाई खत्म कर देना।”

आम आदमी पार्टी की माँगें

1. प्राथमिक विद्यालय नूरपुर को तत्काल पुनः चालू किया जाए।

2. ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को बंद करने की योजना को स्थगित किया जाए।

3. शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए बजट और संसाधन बढ़ाए जाएं।

4. बच्चों के मौलिक अधिकारों की रक्षा हेतु स्थानीय समितियाँ बनाई जाएँ।

आगे की रणनीति

जिलाध्यक्ष अज्जू पण्डित ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मांगे नहीं मानी गईं, तो पार्टी गोंडा जिले में बड़ा जन आंदोलन शुरू करेगी, जिसमें तहसील स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन किए जाएंगे।

निष्कर्ष:

इस प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा के मुद्दे पर ग्रामीण जनता जागरूक हो रही है, और राजनीतिक दल भी अब इन सवालों को लेकर मैदान में आ रहे हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा सिर्फ एक विद्यालय तक सीमित न रहकर एक राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप ले सकता है।

 

 

Leave a Comment

और पढ़ें