कर्नलगंज, गोंडा। कोतवाली कर्नलगंज क्षेत्र की एक दलित महिला ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि घर में घुसकर मारपीट, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग, कपड़े फाड़कर निर्वस्त्र करने और जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर घटना के तीन दिन बाद भी न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही मेडिकल परीक्षण कराया गया।पीड़िता द्वारा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कर्नलगंज को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, 5 जून 2026 की रात लगभग 10 बजे अकबर अली की पत्नी, उनकी बेटी तैयबा, शाहनाज, फुले, चांद बाबू, राजा बाबू समेत कई लोग एक राय होकर जबरन उनके घर में घुस आए। आरोप है कि उक्त लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए पीड़िता तथा उनकी पुत्री के साथ मारपीट की।पीड़िता का आरोप है कि हमलावरों ने उनकी पुत्री को घर से बाहर घसीट लिया और उसके कपड़े फाड़कर निर्वस्त्र कर दिया। साथ ही पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद से परिवार भय और दहशत के माहौल में जीवन यापन कर रहा है।
महिला का कहना है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने कोतवाली कर्नलगंज में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बावजूद न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें लगातार चौकी और कोतवाली के चक्कर कटवा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला दलित उत्पीड़न और महिला सम्मान से जुड़ा होने के कारण पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई करनी चाहिए थी।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
Author: HIND LEKHNI NEWS
सच्चाई की राह कठिन जरूर है, लेकिन यही राह समाज को जागरूक, सशक्त और बेहतर कल की ओर ले जाती है।







