
कर्नलगंज (गोंडा), 1 अगस्त 2025:हलधरमऊ ब्लॉक अंतर्गत स्थित बरांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की बदहाली ने शासन-प्रशासन के स्वास्थ्य सुधारों के दावों की पोल खोल दी है। यह स्वास्थ्य केंद्र न तो मरीजों को इलाज दे पा रहा है, न ही बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवा पा रहा है। स्थिति इतनी भयावह है कि अस्पताल के चिकित्सकीय कक्ष और आवासीय कमरे अब सार्वजनिक शौचालयों में तब्दील हो चुके हैं।
पत्रकारों की पड़ताल में सामने आया कि पीएचसी की चहारदीवारी जर्जर हो चुकी है, मुख्य गेट और दरवाजे-खिड़कियां टूटे हुए हैं। अस्पताल परिसर में कूड़े के ढेर, झाड़ियां और जलभराव के कारण बदबू और मच्छरों का साम्राज्य फैला हुआ है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि इस पीएचसी में पिछले तीन वर्षों से कोई स्थायी चिकित्सक तैनात नहीं है। डॉ. अतुल कुमार पाल तीन साल पहले अध्ययन अवकाश पर गए थे, लेकिन उनके स्थान पर अब तक कोई भी डॉक्टर नहीं भेजा गया। वर्तमान में यहां लैब टेक्नीशियन नागेंद्र कुमार, एएनएम साधना विश्वकर्मा, नेहा गुप्ता ,वार्ड ब्वॉय धर्मेंद्र कुमार और आयुष चिकित्सक डॉ. अवसाफ लारी तैनात हैं, किंतु इनमें से अधिकांश कर्मचारी कभी-कभार ही अस्पताल में आते हैं और सिर्फ औपचारिकता निभाकर चले जाते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार अस्पताल में समय से दवाएं भी नहीं मिलतीं। अरुण तिवारी ने बताया कि इलाज के लिए उन्हें मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। वहीं, अखिलेश शुक्ला ने कहा कि अस्पताल की गंदगी और जलभराव से संक्रमण की आशंका हर वक्त बनी रहती है।
अस्पताल तक पहुंचने का रास्ता भी दुर्दशा का शिकार है। गड्ढों से भरी कच्ची पगडंडी पर चारपहिया वाहन और एम्बुलेंस ले जाना लगभग असंभव है, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को जिला अस्पताल तक पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है।
एक और गंभीर मामला सामने आया है — अस्पताल में तैनात वार्ड ब्वॉय धर्मेंद्र कुमार अक्सर पीएचसी की ड्यूटी छोड़कर कर्नलगंज स्थित एक मॉडल शॉप पर सेल्समैन का कार्य करते नजर आते हैं। सवाल यह उठता है कि जब सरकारी कर्मचारी ड्यूटी के दौरान निजी कामों में लिप्त होंगे, तो ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवा कैसे मिलेगी?
इस संबंध में जब सीएचसी अधीक्षक संत प्रताप वर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका मोबाइल नेटवर्क से बाहर मिला।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पीएचसी की दुर्दशा पर तत्काल संज्ञान लिया जाए, डॉक्टरों व स्टाफ की नियमित तैनाती की जाए, सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, और अस्पताल को मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होंगे।
रिपोर्ट – हिंद लेखनी न्यूज़, कर्नलगंज

Author: Hind Lekhni News
"पत्रकारिता में सच्चाई लिखना जिम्मेदारी और साहस का काम है। जितनी खबरें, उतनी चुनौतियां और विरोधी भी बनते हैं, इसलिए सहिष्णुता, धैर्य और संतुलित सोच के साथ ही इस रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए" "मेरा अनुभव" अधिक न्यूज पढ़ने के लिए आज ही सर्च करें,(HIND LEKHNI NEWS)