महराजगंज, रायबरेली /शासन द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ कर दिया गया है, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस है। महराजगंज विकासखंड के करीब 1100 श्रमिकों की 52 लाख रुपये की मजदूरी पिछले चार महीने से अटकी हुई है। रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर और एपीओ जैसे योजना से जुड़े कर्मचारियों का लगभग 18 लाख रुपये का मानदेय भी बकाया है। धनतेरस, दीपावली और भैया दूज जैसे बड़े त्योहार नजदीक होने के बावजूद भुगतान न मिलने के कारण श्रमिकों और कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गरीब परिवारों के घरों में त्योहारी खुशियों पर पैसों की कमी भारी पड़ रही है। एक तरफ सरकार गरीबों के उत्थान और रोजगार की गारंटी के बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ ब्लॉक के ये आंकड़े सरकारी दावों की पोल खोल रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन त्योहार से पहले भुगतान जारी करता है या मजदूर खाली जेब रहने को मजबूर होते है
Author: HIND LEKHNI NEWS
सच्चाई की राह कठिन जरूर है, लेकिन यही राह समाज को जागरूक, सशक्त और बेहतर कल की ओर ले जाती है।






