
सहारनपुर। गंगाजल चढ़ाने की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे कांवड़ियों का उत्साह भी बढ़ता जा रहा है। सहारनपुर से लाखों कांवड़िए गुजर चुके हैं, वहीं अब डाक कांवड़ की तैयारियां भी जोर पकड़ने लगी हैं। खास बात यह है कि इस बार महिलाओं और युवतियों में भी डाक कांवड़ को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बाबा लालदास स्थित ग्राउंड में महिलाएं और युवतियां सुबह-शाम डाक कांवड़ की प्रैक्टिस कर रही हैं।सहारनपुर निवासी पूनम ने बताया कि वह करीब एक महीने से डाक कांवड़ की प्रैक्टिस कर रही हैं और पिछले चार साल से लगातार डाक कांवड़ लेकर जा रही हैं। उनकी शिव गौरीडाक कांवड़ के नाम से जाती है। पूनम ने बताया कि वे 9 अगस्त की शाम करीब 5 बजे डाक कांवड़ लेकर निकलेंगी और 11 अगस्त को जल चढ़ाएंगी।पूनम ने बताया कि उनकी भोलेनाथ से सबसे बड़ी प्रार्थना है कि उनका अपना मकान हो। उन्होंने कहा कि अभी वह किराये के मकान में रहती हैं और चाहती हैं कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से उनका खुद का घर हो जाए। इसके साथ ही वह अपनी सहेलियों के साथ दोस्ती हमेशा मजबूत बने रहने की भी प्रार्थना करती हैं।

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को लेकर पूनम ने योगी सरकार की सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को अब कांवड़ यात्रा में सुरक्षित माहौल मिल रहा है। इसी वजह से महिलाओं में डाक कांवड़ को लेकर उत्साह बढ़ा है।वहीं मानसी सैनी ने बताया कि यह उनकी चौथी डाक कांवड़ है और वह करीब एक महीने से इसकी प्रैक्टिस कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टीम 9 अगस्त की शाम करीब 5 बजे डाक कांवड़ लेकर रवाना होगी और 11 अगस्त को भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगी। मानसी ने कहा कि उनकी कोई व्यक्तिगत मनोकामना नहीं है, वह भोलेनाथ से बस यही प्रार्थना करती हैं कि सभी के घरों में खुशहाली बनी रहे और परिवार के लोग स्वस्थ एवं खुश रहें। उन्होंने भी यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की व्यवस्थाओं को अच्छा बताया। खुशी स्वामी इस बार पहली बार डाक कांवड़ लेकर जा रही हैं। उन्होंने बताया कि वह डाक कांवड़ की प्रैक्टिस कर रही हैं और उनकी भोलेनाथ से मनोकामना है कि उनकी नौकरी लग जाए। खुशी ने बताया कि वह आर्मी या पुलिस में नौकरी करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में महिलाओं की सुरक्षा के लिए अच्छी व्यवस्था है और प्रशासन की ओर से भी कांवड़ यात्रा के दौरान बेहतर इंतजाम किए गए हैं।डाक कांवड़ की तैयारी कर रही इन महिलाओं के बयानों से साफ है कि उनके लिए यह यात्रा सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि अपनी-अपनी मनोकामनाओं को भोलेनाथ के चरणों में रखने का भी अवसर है। कोई अपने सपनों का घर मांग रही है, कोई आर्मी या पुलिस की नौकरी की कामना कर रही है तो कोई अपने परिवार में सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना कर रही है। महिलाओं का बढ़ता उत्साह इस बार की कांवड़ यात्रा में एक अलग तस्वीर पेश कर रहा है।
Author: HIND LEKHNI NEWS
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