गोण्डा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की मुजेहना विधानसभा ब्रांच कमेटी द्वारा महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात चिकित्सक एवं आजाद हिन्द फौज की रानी झांसी रेजीमेंट की कमांडर कैप्टन लक्ष्मी सहगल की 12वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनके स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक सेवा और महिला सशक्तिकरण में दिए गए योगदान को याद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला संगठन की संयोजक कॉमरेड मिथिलेश ने कहा कि कैप्टन लक्ष्मी सहगल ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में आजाद हिन्द फौज में महिलाओं को संगठित कर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी कैप्टन सहगल ने कानपुर में गरीब और जरूरतमंद लोगों का बेहद कम शुल्क पर उपचार कर जीवनभर मानव सेवा का कार्य किया।
वक्ताओं ने कहा कि कैप्टन लक्ष्मी सहगल को वर्ष 1998 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने घायल सैनिकों और युद्धबंदियों की सेवा की तथा युद्ध समाप्ति के बाद ब्रिटिश शासन द्वारा उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। वर्ष 1947 में उन्होंने आजाद हिन्द फौज के कर्नल प्रेम कुमार सहगल से विवाह किया और इसके बाद भी चिकित्सा सेवा के माध्यम से समाज की सेवा करती रहीं। वर्ष 2002 में माकपा ने उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया था।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा में सांसी जोस, मोमिना, संतोषा देवी, प्रीति, सुप्रिया सांसी, रीमा कुमारी, साजन फिलिप, कौशलेंद्र पांडेय सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।यदि चाहें, मैं इसे टीवी न्यूज़ स्क्रिप्ट या न्यूज़ चैनल की शैली में भी तैयार कर सकता हूँ।
Author: HIND LEKHNI NEWS
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