


मोदीनगर स्टेशन से बाहर निकलकर दूसरे के मोबाइल से किया था आखिरी फोन, पुलिस ने खंगाली सीसीटीवी फुटेज।
करनैलगंज। दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार रमेश पाण्डेय के भाई उसमेक पाण्डेय के लापता हुए 20 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं लग सका है। उसमेक मेरठ स्थित एक अखबार एवं किताब प्रिंटिंग प्रेस में मशीन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे। घर लौटते समय उनका बैग और मोबाइल फोन चोरी हो गया था। इसके बाद उन्होंने मोदीनगर रेलवे स्टेशन से बाहर निकलकर एक व्यक्ति के मोबाइल से अपने भाई को फोन किया था। यही उनका आखिरी संपर्क साबित हुआ।
परिजनों के अनुसार, 18 अगस्त की शाम उसमेक पाण्डेय ने दूसरे व्यक्ति के मोबाइल से अपने भाई रमेश पाण्डेय को फोन कर बताया कि उनका बैग और मोबाइल चोरी हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने खाना नहीं खाया है। इस पर रमेश पाण्डेय ने गूगल-पे के माध्यम से उनके खाते में रुपये भेजे। उसमेक ने बताया था कि वह बाहर स्थित आधार सेंटर से रुपये निकाल लेंगे।
इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और परिजनों से कोई संपर्क नहीं हो सका। काफी समय तक कोई जानकारी न मिलने पर परिजनों और रिश्तेदारों ने गाजियाबाद, मेरठ, मोदीनगर सहित आसपास के क्षेत्रों और विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर उनकी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
बाद में मामला जीआरपी क्षेत्र से बाहर का होने के कारण मोदीनगर थाना पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच शुरू करते हुए उस व्यक्ति को बुलाकर पूछताछ की, जिसके मोबाइल से उसमेक ने आखिरी बार अपने भाई से बात की थी। पुलिस ने संबंधित क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं।
जांच अधिकारी उपनिरीक्षक रोहित गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जिस व्यक्ति के मोबाइल से अंतिम बातचीत हुई थी, उससे पूछताछ की गई है और सीसीटीवी फुटेज लिए गए हैं। मोबाइल की सीडीआर मिलने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
उधर, 20 दिन से अधिक समय से भाई के लापता होने के कारण परिजन बेहद परेशान हैं। परिवार ने पुलिस अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द उसमेक पाण्डेय की तलाश कर उन्हें सकुशल बरामद कराने की मांग की है।
Author: HIND LEKHNI NEWS
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