यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शहरों में सस्ते मकान, गांव-गांव तक बस सेवा शुरू होगी

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा। कैबिनेट ने शहरों में सस्ते मकान उपलब्ध कराने, ग्रामीण क्षेत्रों तक बस सेवा पहुंचाने, ओला-उबर जैसी टैक्सी सेवाओं के पंजीकरण तथा सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति विवरण से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी।

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदेश के आठ शहरों—बरेली, वाराणसी, उरई, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, गाजीपुर और मऊ—में नई आवासीय योजनाओं के लिए 425 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस धनराशि से जमीन खरीदकर नई आवासीय कॉलोनियों का विकास किया जाएगा, जिससे मध्यम व निम्न आय वर्ग के लोगों को सस्ते मकान उपलब्ध हो सकेंगे।

इसके अलावा कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ को भी मंजूरी दी है। इसके तहत प्रदेश की 12,200 ग्राम सभाओं तक बस सेवा पहुंचाई जाएगी। इन बसों को परमिट और टैक्स से छूट दी जाएगी तथा इनके संचालन की अनुमति निजी लोगों को दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी बसें भी चलाई जाएंगी ताकि दूरस्थ गांवों के लोगों को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय तक आने-जाने में सुविधा मिल सके।

कैबिनेट ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ओला, उबर जैसी टैक्सी सेवाओं का अनिवार्य पंजीकरण भी लागू करने का निर्णय लिया है। अब इन कंपनियों को लाइसेंस, ड्राइवर का मेडिकल टेस्ट, पुलिस सत्यापन और वाहन फिटनेस जैसी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।

इसके साथ ही पीएम आवास योजना (शहरी-2) के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी वर्ग के लिए किफायती मकान बनाए जाएंगे। पात्र लाभार्थियों को मकान खरीदने पर ढाई लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के लिए हर वर्ष अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना भी अनिवार्य कर दिया है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश में आवास, परिवहन और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।

HIND LEKHNI NEWS
Author: HIND LEKHNI NEWS

लोगों की निंदा से घबराकर, अपना रास्ता मत बदलना, क्योंकि सफलता शर्म से नहीं, साहस से मिलती है। हिन्द लेखनी न्यूज

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