महराजगंज, रायबरेली। कहते हैं कि किसी नेक कार्य को शुरू करने के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, आस्था और समर्पण की आवश्यकता होती है। कस्बा महराजगंज में मां जसवंती देवी मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले शारदीय नवरात्र के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम इस बात की मिसाल हैं। लगभग 41 वर्ष पूर्व महज 18 वर्ष की उम्र में प्रभात साहू ने अपने साथियों के सहयोग से जय मां जसवंती देवी दुर्गा पूजा समिति की नींव रखी थी। आज यह पहल क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।
चार दशक से अधिक समय से कायम है परंपरा
मां जसवंती देवी मंदिर परिसर में शारदीय नवरात्र के दौरान प्रतिवर्ष धार्मिक अनुष्ठानों, देवी जागरण और जवाबी कीर्तन का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। माता रानी के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है। समिति के सदस्यों के सामूहिक प्रयासों से चार दशक से अधिक समय से यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है।
ढाई सौ वर्ष प्राचीन बताया जाता है मंदिर
कस्बा महराजगंज स्थित मां जसवंती देवी मंदिर को लगभग ढाई सौ वर्ष पुराना बताया जाता है। मंदिर के प्रति क्षेत्रीय लोगों की गहरी आस्था है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां के दरबार में प्रार्थना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी आस्था के चलते नवरात्र के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। यहां आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के साथ जवाबी कीर्तन जैसे सांस्कृतिक आयोजन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहते हैं।
प्रभात साहू के नेतृत्व में आगे बढ़ रही समिति
समिति की स्थापना के समय प्रभात साहू की उम्र महज 18 वर्ष थी। युवावस्था में शुरू की गई इस पहल को उन्होंने अपने साथियों के सहयोग से निरंतर आगे बढ़ाया। वर्तमान में प्रभात साहू नगर पंचायत महराजगंज की अध्यक्ष सरला साहू के प्रतिनिधि के रूप में सक्रिय हैं। इसके साथ ही वे समाजसेवी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य, भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय नेता और साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी अपनी पहचान रखते हैं। उनकी पत्नी सरला साहू नगर पंचायत महराजगंज की अध्यक्ष हैं।
प्रभात साहू के साथ समिति के अध्यक्ष के रूप में आयोजन की जिम्मेदारी निभाने में जयकरन साहू, त्रिवेणीलाल गुप्ता, पुन्नीलाल, रामकुमार मुंशी और सुधीर साहू सहित अन्य सदस्यों का भी योगदान बताया जाता है। समिति के पदाधिकारी और सदस्य मिलकर प्रत्येक वर्ष नवरात्र के कार्यक्रमों की तैयारियां करते हैं।
पिता के सामाजिक योगदान का भी होता है उल्लेख
प्रभात साहू के पिता स्वर्गीय सत्यनारायण गुप्ता को लोग सम्मानपूर्वक ‘बाबूजी’ कहकर संबोधित करते थे। उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताया जाता है। परिवार से जुड़ी जानकारी के अनुसार, उन्होंने स्वामी अड़गड़ानंद के भौसी आश्रम को लगभग आठ बीघा भूमि दान में दी थी। इसके अतिरिक्त बच्चों की शिक्षा के लिए भी कई बीघा जमीन दान की गई, जहां संचालित विद्यालय में आज हजारों बच्चों की शिक्षा और भविष्य निर्माण का कार्य हो रहा है।
16, 18 और 20 अक्टूबर को होंगे विशेष आयोजन
जय मां जसवंती देवी दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस वर्ष भी शारदीय नवरात्र के अवसर पर विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, सभी कार्यक्रम रात्रि में होंगे।
– 16 अक्टूबर 2026: मां भगवती का भव्य जागरण।
– 18 अक्टूबर 2026: जवाबी कीर्तन का आयोजन।
– 20 अक्टूबर 2026: जवाबी कीर्तन के साथ विशाल कन्या भोज।
समिति के सदस्यों के मुताबिक, आयोजनों को सफल बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
आस्था, सहयोग और संस्कृति की मिसाल
महज 18 वर्ष की उम्र में शुरू की गई धार्मिक पहल का चार दशक से अधिक समय तक निरंतर जारी रहना प्रभात साहू और उनके साथियों के सामूहिक प्रयासों को दर्शाता है। मां जसवंती देवी मंदिर में नवरात्र के दौरान होने वाले आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक मेलजोल, सामूहिक सहभागिता और लोक-सांस्कृतिक परंपराओं को भी मजबूती प्रदान करते हैं। यही वजह है कि कस्बा महराजगंज में यह आयोजन आज भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष महत्व रखता है।
Author: HIND LEKHNI NEWS
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