महराजगंज में बिजली कटौती से ग्रामीण बेहाल, कनेक्शन बॉक्स में लगी आग से रातभर गुल रही आपूर्ति

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

चंदापुर/रायबरेली। उमस भरी गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित विद्युत कटौती और बढ़ते विद्युत लोड ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन लाइनों में फाल्ट और घंटों होने वाली 33 केवी रोस्टिंग से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार रात मऊ शर्की गांव में ट्रांसफार्मर के पास लगे कनेक्शन बॉक्स में स्पार्किंग के बाद आग लग गई। इसके चलते करीब एक हजार की आबादी प्रभावित रही और ग्रामीणों को उमस व मच्छरों के बीच रात गुजारनी पड़ी।

कनेक्शन बॉक्स में स्पार्किंग के बाद लगी आग

जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 10 बजे मऊ शर्की गांव में ट्रांसफार्मर के बगल में लगे कनेक्शन बॉक्स में अचानक स्पार्किंग हुई और आग लग गई। घटना की जानकारी मिलते ही विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचे और फाल्ट दुरुस्त करने का प्रयास किया, लेकिन घना अंधेरा होने के कारण रात में मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो सका।

सुरक्षा को देखते हुए संबंधित लाइन को डिस्कनेक्ट कर अन्य लाइनों को चालू किया गया। इसके बाद करीब रात 12 बजे चंदापुर फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।

सुबह लाइनमैन ने दुरुस्त किया फाल्ट

सुबह विभागीय लाइनमैन चंद्रभान और विजय कुमार मौके पर पहुंचे और विद्युत लीड बदलने का कार्य किया। मरम्मत पूरी होने के बाद ग्रामीणों को राहत मिली। हालांकि, रातभर बिजली बाधित रहने से लोगों को उमस भरी गर्मी और मच्छरों के बीच हाथ के पंखे के सहारे रात गुजारनी पड़ी।

33 केवी रोस्टिंग और फाल्ट से बढ़ी परेशानी

क्षेत्रीय उपभोक्ताओं का कहना है कि गर्मी और उमस बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी बढ़ गई है, लेकिन इसके बावजूद आपूर्ति व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, 33 केवी रोस्टिंग कई बार दो से चार घंटे तक होने से घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा छोटे कारोबारियों और किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

मऊ शर्की निवासी अमरेश प्रताप, वीरेंद्र कुमार और बजरंगी तथा मुरैनी निवासी रणविजय सिंह और कल्पेश शुक्ला ने विद्युत विभाग से लाइनों के समयबद्ध मेंटीनेंस, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, जर्जर तारों को बदलने और आवश्यक मरम्मत कार्य कराने की मांग की है।

बिजली कब आएगी और कब जाएगी, पता नहीं’

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का कोई स्पष्ट शेड्यूल नजर नहीं आता। अचानक होने वाली कटौती और बार-बार फाल्ट के कारण घरेलू कामकाज से लेकर पेयजल आपूर्ति तक प्रभावित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि बढ़ते विद्युत लोड के बीच यदि समय रहते विद्युत ढांचे को मजबूत नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।

क्षमता वृद्धि और नियमित मेंटीनेंस की मांग

उपभोक्ताओं ने ट्रांसफार्मरों की क्षमता की समीक्षा करने, जर्जर तारों एवं विद्युत उपकरणों का नियमित रखरखाव कराने और संवेदनशील स्थानों पर समय रहते मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए तो फाल्ट और आग जैसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

ग्रामीणों ने शासन और विद्युत विभाग के अधिकारियों से निर्धारित शेड्यूल के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उमस भरी गर्मी के इस दौर में बिजली लोगों की रोजमर्रा की जरूरत है, इसलिए लगातार कटौती और फाल्ट से राहत दिलाना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।

HIND LEKHNI NEWS
Author: HIND LEKHNI NEWS

सच्चाई की राह कठिन जरूर है, लेकिन यही राह समाज को जागरूक, सशक्त और बेहतर कल की ओर ले जाती है।

Leave a Comment

और पढ़ें