गोंडा। जनपद में एक नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में न्याय दिलाने के लिए नियुक्त अधिवक्ता पर ही विपक्षी से कथित सांठगांठ कर न्यायालय से मुकदमे की मूल सरकारी पत्रावली गायब कराने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर कोतवाली नगर पुलिस ने अधिवक्ता समेत मुख्य आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दर्ज एफआईआर के अनुसार, पीड़ित की 16 वर्षीय बेटी के साथ छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में वजीरगंज थाना क्षेत्र निवासी खलील पुत्र अजीमुल्ला के खिलाफ पहले से पाक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज था। विवेचना पूरी होने के बाद मामला पाक्सो न्यायालय में विचाराधीन था और नियमित सुनवाई चल रही थी।
पीड़ित पक्ष ने मुकदमे की पैरवी के लिए अधिवक्ता श्यामधर शुक्ला को नियुक्त किया था। आरोप है कि 24 जुलाई 2026 को अधिवक्ता ने पत्रावली देखने के बहाने न्यायालय से केस की फाइल मंगवाई। इसके बाद उन्होंने कथित रूप से मुख्य आरोपी खलील के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा और उसे लाभ पहुंचाने तथा आर्थिक फायदा लेने की नीयत से न्यायालय से मुकदमे की संपूर्ण सरकारी मूल पत्रावली गायब कर दी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मूल फाइल गायब होने के बाद मुख्य आरोपी लगातार पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव बना रहा है। समझौता न करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली नगर पुलिस ने अधिवक्ता श्यामधर शुक्ला और आरोपी खलील के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रकरण की जांच उपनिरीक्षक नितिन उपाध्याय को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
Author: HIND LEKHNI NEWS
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