झमाझम बारिश से किसानों के खिले चेहरे,खेतों मे लौटीं हरियाली।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

महराजगंज/रायबरेली। कई दिनों से आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे किसानों का इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया। क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश ने खेतों में नई जान फूंक दी है। धान सहित खरीफ की फसलों के लिए यह वर्षा किसी संजीवनी से कम नहीं रही। लंबे समय से बारिश के अभाव में सूखने लगे खेत एक बार फिर पानी से लबालब हो गए हैं और किसानों के चेहरों पर चिंता की जगह मुस्कान लौट आई है।

समय पर हुई वर्षा से धान की रोपाई में तेजी आ गई है। जिन किसानों की रोपाई पहले ही पूरी हो चुकी थी, उनकी फसलों को भी भरपूर लाभ मिलने की उम्मीद है। मक्का, अरहर, उड़द, तिल तथा अन्य खरीफ फसलों की बढ़वार के लिए भी यह वर्षा बेहद लाभकारी मानी जा रही है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई इस बारिश ने फसल को नई ऊर्जा दी है और अब अच्छी पैदावार की उम्मीद पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है।

लगातार बढ़ रही गर्मी और बारिश की कमी के कारण किसान महंगी सिंचाई कराने को मजबूर थे। डीजल और बिजली से सिंचाई करने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा था, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही थी। अब प्राकृतिक वर्षा होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। खेतों में पर्याप्त पानी भर जाने से सिंचाई का खर्च कम होगा और फसल की गुणवत्ता में भी सुधार आने की संभावना है।

बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्रों का नजारा पूरी तरह बदल गया है। खेतों में किसान परिवारों के साथ कृषि कार्यों में जुट गए हैं। कहीं धान की रोपाई हो रही है तो कहीं खेतों की मेड़बंदी और निराई-गुड़ाई का कार्य तेज हो गया है। गांवों में चारों ओर हरियाली लौटने से किसानों के साथ-साथ आम लोगों के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दे रही है। मौसम में आई ठंडक ने उमस और भीषण गर्मी से भी राहत दिलाई है।

जमुरावां निवासी किसान रामबरन ने कहा, “यह बारिश हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। लंबे समय से हम सभी किसान वर्षा का इंतजार कर रहे थे। समय पर हुई इस बारिश से धान की फसल को नया जीवन मिला है। अब अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है और सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी बचेगा।”

कपूरपुर निवासी किसान रामफल ने कहा, “बारिश ने किसानों की चिंता काफी हद तक दूर कर दी है। खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह समय-समय पर वर्षा होती रही तो इस वर्ष फसल की उपज निश्चित रूप से अच्छी होगी।”

किसान रुद्र प्रसाद त्रिपाठी ने कहा, “कृषि पूरी तरह मौसम पर निर्भर करती है और समय पर हुई वर्षा किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत होती है। इस बारिश से खेतों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। हमें विश्वास है कि प्रकृति का साथ इसी तरह बना रहा तो इस वर्ष किसानों की मेहनत अवश्य रंग लाएगी और भरपूर उत्पादन होगा।”

क्षेत्र के किसानों का मानना है कि यदि अगस्त माह में भी समय-समय पर अच्छी वर्षा होती रही तो इस वर्ष खरीफ की फसल का उत्पादन पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर हो सकता है। कृषि विशेषज्ञ भी मानते हैं कि धान की फसल के लिए इस समय हुई वर्षा बेहद महत्वपूर्ण है। इससे पौधों की जड़ों को मजबूती मिलेगी और फसल का समुचित विकास होगा।

बारिश की यह सौगात केवल खेतों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसने किसानों के मन में भी नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार किया है। खेतों में लौटती हरियाली और किसानों के चेहरों पर खिली मुस्कान इस बात का संकेत है कि यदि मौसम इसी तरह मेहरबान रहा तो इस वर्ष क्षेत्र में भरपूर पैदावार के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

HIND LEKHNI NEWS
Author: HIND LEKHNI NEWS

सच्चाई की राह कठिन जरूर है, लेकिन यही राह समाज को जागरूक, सशक्त और बेहतर कल की ओर ले जाती है।

Leave a Comment

और पढ़ें