महराजगंज/रायबरेली। महराजगंज तहसील क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली मूंगताल ड्रेन की वर्षों से सफाई न होने के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ड्रेन में जमा सिल्ट और झाड़-झंखाड़ के चलते हर वर्ष हजारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो जाती है, जिससे धान समेत अन्य फसलें बर्बाद हो जाती हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
किसानों का आरोप है कि पिछले 10 से 15 वर्षों से ड्रेन की समुचित सफाई नहीं कराई गई। इस समस्या को लेकर कई बार शासन, प्रशासन और संबंधित विभागों से शिकायत की गई, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। हाल ही में भाजपा जिला उपाध्यक्ष जन्मेजय सिंह ने भी जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका से मुलाकात कर इस मुद्दे को उठाया था। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर जून माह के प्रथम सप्ताह में सफाई कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन जून समाप्ति की ओर होने के बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं हो सका।
इसी बीच सिकंदरपुर ग्राम पंचायत की महिला ग्राम प्रधान एवं उनके प्रतिनिधि डब्बू सिंह ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए पहल की। किसानों से बातचीत के बाद उन्होंने निजी संसाधनों से जेसीबी मशीन लगाकर बुधवार से मूंगताल ड्रेन की सफाई का कार्य शुरू करा दिया।
ड्रेन की सफाई शुरू होने से क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई कार्य पूरा हो जाता है तो जलनिकासी की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी और वे निश्चिंत होकर धान की रोपाई कर सकेंगे। कई किसानों ने खेतों में रोपाई की तैयारियां भी तेज कर दी हैं।
सिकंदरपुर ग्राम पंचायत एवं आसपास के गांवों के किसानों ने डब्बू सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने किसानों की परेशानी को समझते हुए बिना किसी सरकारी सहायता के कार्य शुरू कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि डब्बू सिंह हमेशा क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में सहभागी रहते हैं और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आते हैं।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्रीय विधायक श्यामसुंदर भारतीय ने भी इस समस्या को विधानसभा में उठाया था, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल सका। किसानों का कहना है कि मानसून के आगमन से पहले ड्रेन की सफाई अत्यंत आवश्यक थी, अन्यथा जलभराव की समस्या एक बार फिर विकराल रूप ले सकती थी।
ग्रामीणों का मानना है कि जिस कार्य को वर्षों से संबंधित विभाग पूरा नहीं कर सके, उसे स्थानीय स्तर पर शुरू कराया जाना जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और जनता के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण है। किसानों को उम्मीद है कि सफाई कार्य पूरा होने के बाद उन्हें वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी और खेती-किसानी सुचारु रूप से हो सकेगी।
Author: HIND LEKHNI NEWS
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