90 वर्ष की उम्र में भी आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं मां पुरबिन, नई पीढ़ी को दे रहीं प्रेरणा

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महराजगंज/रायबरेली। जहां बढ़ती उम्र के साथ अधिकांश लोग दूसरों पर निर्भर हो जाते हैं, वहीं विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुल्तानपुर निवासी 90 वर्ष से अधिक आयु की बुजुर्ग मां पुरबिन आज भी अपनी मेहनत, आत्मनिर्भरता और जीवटता से समाज के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी सक्रिय दिनचर्या देखकर हर कोई आश्चर्यचकित रह जाता है।

मां पुरबिन का परिवार भरा-पूरा है। उनके पुत्र संतलाल लोधी वर्तमान में ग्राम प्रधान हैं। परिवार में बहू, दो नाती, दो नातिन और दो पनाती भी हैं। परिवार के सभी सदस्य उनका पूरा सम्मान करते हैं और उनकी देखभाल के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, लेकिन मां पुरबिन आज भी अपने अधिकांश कार्य स्वयं करना पसंद करती हैं।

बुजुर्ग होने के बावजूद वह घर के सभी कार्यों में सक्रिय रहती हैं। झाड़ू लगाना, भोजन बनाना, पशुओं की देखभाल करना, गाय-भैंस का दूध निकालना, मट्ठा तैयार करना, गोबर उठाना, चावल साफ करना तथा मिट्टी के चूल्हे पर अपने हाथों से रोटियां बनाना उनकी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा है। उम्र के प्रभाव से उनकी कमर भले झुक गई हो, लेकिन उनके हौसले आज भी बुलंद हैं।

मां पुरबिन की एक खास इच्छा भी है। वह अपने जीवनकाल में अपने अविवाहित नाती का विवाह अपनी आंखों से देखना चाहती हैं। यही सपना उन्हें जीवन में आगे बढ़ने और सक्रिय रहने की प्रेरणा देता है।

मां पुरबिन का मानना है कि नियमित शारीरिक श्रम और अनुशासित जीवनशैली ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार है। उनका कहना है कि निष्क्रियता शरीर को कमजोर बनाती है, इसलिए वह अपने दैनिक कार्यों को ही व्यायाम और स्वास्थ्य का सबसे बड़ा साधन मानती हैं।

आज जब कम उम्र में ही लोग विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे समय में मां पुरबिन की जीवनशैली समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आती है। उनकी मेहनत, अनुशासन और आत्मनिर्भरता यह साबित करती है कि मजबूत इच्छाशक्ति, नियमित श्रम और सकारात्मक सोच के बल पर व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रह सकता है।

ग्रामीण परिवेश की यह प्रेरणादायक महिला न केवल क्षेत्र की महिलाओं बल्कि हर आयु वर्ग के लोगों के लिए मिसाल बन गई हैं। मां पुरबिन की कर्मशीलता को देखकर सहज ही कहा जा सकता है कि उम्र चाहे 90 वर्ष पार कर जाए, लेकिन हौसले जवान हों तो जीवन की रफ्तार कभी नहीं थमती।

HIND LEKHNI NEWS
Author: HIND LEKHNI NEWS

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